अम‍ित जोगी ने मंत्री अकबर को दी खुली चुनौती

रायपुर, 10 जून (उदयपुर किरण). जनता कांग्रेस छत्‍तीसगढ़ (जोगी) के प्रदेश अध्‍यक्ष अम‍ित जोगी दक्ष‍िण बस्‍तर बैलाडीला की खदान अडानी को देने से वि‍राेध में मुखर हैं. अम‍ित जोगी ने सोमवार को अपने फेसबुक पोस्‍ट से वन मंत्री मोहम्‍मद अकबर की सफाई पर खुली चुनौती दी है. उन्‍होंने कहा क‍ि मोहम्मद अकबर द्वारा 4 अप्रैल 2019 में डिपॉजि‍ट 13 के लिए कंसेंट टू ऑपरेट कार्य प्रारम्भ/ संचालन करने की सहमति नहीं प्रदान की गई थी.


मैं अपने शब्द वापस लेता हूं. उन्होंने दो महीने पहले 12 फरवरी 2019 को उनके द्वारा अडानी एंटरप्राइजेज को स्थापना की सहमति के प्रमाणपत्र की बात का उल्लेख करते हुए उपस्थित अधिकारियों से दो सवाल पूछे थे, अब तक नंदराज पर्वत खोदना चालू क्यों नहीं हुआ है? उसमें आखि‍र क्या-क्या बाधाएं आ रही है?‬ इन दोनों प्रश्नों का संतोषजनक उत्तर उन्हें विगत तीन दिनों में मिल ही चुका होगा.

सम्पूर्ण सच तो यह है कि मोहम्मद अकबर के द्वारा 12 फरवरी 2019 मतलब दो महीने पहले ही राज्यस्तरीय पर्यावरण मण्डल की बैठक में डिपॉजि‍ट क्रमांक 13 के लिए कंसेंट टू इस्‍टेब्‍लि‍स स्थापना करने की सहमति का प्रमाणपत्र जारी करके बस्तर के आदिवासियों की 12 बजा दी थी. उपरोक्त बैठक के मिनटस में स्पष्ट रूप से लिखा है. राज्य सरकार ने अडानी एंटरप्राइजेज को दो मिलियन टन प्रति वर्ष लौह अयस्क निकालने के लिए “स्थापना करने के लिए सहमति” प्रमाण पत्र जारी किया है.”

अम‍ित जोगी ने उपरोक्त प्रमाणों के परिप्रेक्ष्य में कहा क‍ि मैं वन और पर्यावरण मंत्री मोहम्मद को खुली चुनौती देता हूं कि अगर मेरी इस बात में ज़रा सी भी असत्यता है, तो उसे झुठलाने के लिए मोहम्मद अकबर इस सम्बंध में सभी दस्तावेजों को सार्वजनिक करें. उन्‍होंने कहा क‍ि वैसे भी इन्हें आरटीआई के अंतर्गत शुल्क देकर किसी भी नागरिक के द्वारा प्राप्त किया जा सकता है. मैं इन्हें आपको दिखा सकता हूं, किंतु इनकी सत्यता तब ही प्रमाणित होगी जब इन्हें मण्डल स्वयमेव अथवा आरटीआई के आवेदन को स्वीकार करते हुए जारी करे. साथ ही उन्‍होंने कल के बयान को दोहराते हुए कहा क‍ि अन्यथा वे अपना नाम मोहम्मद अकबर से बदलकर मोहम्मद बाबर या मोहम्मद औरंगजेब रख लें.

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